Tuesday, July 18, 2017

कुछ कहना हैं...: जिंदगी के पल

कुछ कहना हैं...: जिंदगी के पल: हमारी जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते है ' जिसे हम कभी भुला नहीं सकते और किसी के सामने बयां भी नहीं कर सकते. ऐसे पालो को याद करने से जहाँ ए...

Sunday, January 25, 2015

मेरे गीतों में मेरी कहानियाँ हैं


मेरे गीतों में मेरी कहानियाँ हैं कलियों का बचपन हैं, फूलों की जवानियाँ हैं रुत पे बहार हैं, दिल बेकरार हैं, कुछ इंतजार सा हैं कहते हैं सारे, हो ना हो प्यारे, ये हाल प्यार का हैं ये मोहब्बत की पहली निशानियाँ हैं ऐ दिल दीवाने, दुनियाँ क्या जाने, क्यो गीत गाता हू मैं गीतों के बहाने, दिल के फसाने, उसको सुनाता हू मैं जिसकी मुझ पे बड़ी मेहरबानियाँ हैं दिलकश कमाल सी, नाज़ूक ख़याल सी, डाली गुलाब की हैं लड़की हैं लेकिन लगता हैं वो एक बोतल शराब की हैं उसकी अखियाँ बड़ी मसतानियाँ हैं

Friday, October 10, 2014

प्यार में तन्हाई

Meri Zindgi Ka Anmol Pal

तन्हाई तन्हाई दिल के रास्ते में कैसी ठोकर मैने खाई टूटे ख्वाब सारे एक मायूसी है छाई हर खुशी सो गई ज़िंदगी खो गई तुम को जो प्यार किया मैने तो सज़ा में पाई तन्हाई तन्हाई मीलों है फैली हुई तन्हाई ख्वाब में देखा था इक आँचल मैने अपने हाथों में अब टूटे सपनों के शीशे चुभते हैं इन आँखों में कल कोई था यहीं अब कोई भी नहीं बन के नागिन जैसे है साँसों में लहराई तन्हाई तन्हाई पलकों पे कितने आँसू है लाई क्यूँ ऐसी उम्मीद की मैने जो ऐसे नाकाम हुई दूर बनाई थी मंज़िल तो रस्ते में ही शाम हुई अब कहाँ जाऊँ मैं किस को समझाऊँ मैं क्या मैने चाहा था और क्यूँ किस्मत में आई तन्हाई तन्हाई जैसे अंधेरों की हो गहराई दिल के रास्ते में ... तन्हाई तन्हाई तन्हाई तन्हाई

Wednesday, July 30, 2014

प्यार का दर्द हैं

Pyar ka dard hai

प्यार का दर्द हैं, मीठा मीठा, प्यारा प्यारा ये हसीं दर्द ही, दो दिलों का हैं सहारा थोड़ा थोड़ा चैन भी हैं, थोड़ी थोड़ी बेकरारी और भी हो प्यार जवां, आरजू हैं ये हमारी ये मिलन हो दोबारा, प्यार का ... मुझे मिला प्यार तेरा, तुझे मेरी चाह मिली नये नये सपनों की, हमें नयी राह मिली एक अरमां हमारा, प्यार का ... रोज हमें मिलके भी, मिलने की आस रहे रोज मिटे प्यास कोई और कोई प्यास रहे दिल दीवाना पुकारा, प्यार का ...

Tuesday, July 22, 2014

रातो को तन्हाई

रातो को तन्हाई में, अक्सर सोचा करते हैं क्या खास है पाया तुम में, तुम पर क्यों हम मरते हैं? सवाल ये हमने किया खुद से जब, एक बार न सों बार किया जवाब कभी न आया जुदा सा, हर बार एक इज़हार किया तुम को पाकर हम हुए धनवान, तुमको खो कर हुए गरीब कोशिश बहुत की हमने, पर बदल न पाए अपने नसीब फिर भी दिल में एक आस है, तेरे पास होने का एहसास है दूर तू नजरो से हो मगर, दिल के हर दम पास है आजा अब लौट के आजा, तेरे बिना मन उदास है जल्दी आजा, दौड़ के आजा, ना जाने कब तक इन साँसों में सांस है

( निरंजन कुमार पटेल )

Sunday, November 18, 2012

हसीन पल ( कविता )


किसी दिवाने कवि की तुम हसीन कविता हो इतने सटीक नयन नक्श कोई होश में रहकर कैसे बना सकता है? वो जरूर नशे में रहा होगा. तुमको बनाने के बाद उसने खुदसे वाह! कहा होगा.
सादगी से सुबह जैसे कोई फूल मुस्कुराता हो किसी दिवाने कवि की तुम हसीन कविता हो इतनी सादगी के साथ दिल को चीरता हुआ कोई कैसे मुस्का सकता है? जरूर एक जादूगरनी हो समा महका जाने वाली तुम कस्तूरी हिरनी हो पानी की चाह में जैसे कोई मलहार गाता हो किसी दिवाने कवि की तुम हसीन कविता हो