Friday, October 10, 2014

प्यार में तन्हाई

Meri Zindgi Ka Anmol Pal

तन्हाई तन्हाई दिल के रास्ते में कैसी ठोकर मैने खाई टूटे ख्वाब सारे एक मायूसी है छाई हर खुशी सो गई ज़िंदगी खो गई तुम को जो प्यार किया मैने तो सज़ा में पाई तन्हाई तन्हाई मीलों है फैली हुई तन्हाई ख्वाब में देखा था इक आँचल मैने अपने हाथों में अब टूटे सपनों के शीशे चुभते हैं इन आँखों में कल कोई था यहीं अब कोई भी नहीं बन के नागिन जैसे है साँसों में लहराई तन्हाई तन्हाई पलकों पे कितने आँसू है लाई क्यूँ ऐसी उम्मीद की मैने जो ऐसे नाकाम हुई दूर बनाई थी मंज़िल तो रस्ते में ही शाम हुई अब कहाँ जाऊँ मैं किस को समझाऊँ मैं क्या मैने चाहा था और क्यूँ किस्मत में आई तन्हाई तन्हाई जैसे अंधेरों की हो गहराई दिल के रास्ते में ... तन्हाई तन्हाई तन्हाई तन्हाई

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